आज हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताएंगे की नेटवर्क क्या है ? जिसकी वजह से सूचना के छेत्र ने व्यापक रूप ले लिया है। हम जानेंगे की नेटवर्क कैसे काम करता है?

हम इसके सकारात्मक और नकारात्मक दोनो तरह के प्रभावों के बारे में जानेंगे। और जानेंगे की कैसे नेटवर्क ने सूचना तकनीक को बदल दिया।

Networ k क्या है

नेटवर्क क्या है ? (What is Network in Hindi)-

जब दो या उससे अधिक कम्प्यूटर सिस्टम को कम्प्यूटर हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की मदद से जोड़कर समूह बनाया जाता है, ऐसे कम्प्यूटर के समूह को हम नेटवर्क कहते है

कम्प्यूटर सिस्टम का समूह बनाने के लिए हम wired या wireless system का इस्तमाल करते है। नेटवर्क की सहायता से हम किसी भी सूचना का आदान प्रदान आसानी से कर सकते है।

आप उस वक्त की कल्पना कीजिए जब नेटवर्क अस्तित्व में ही नहीं आया था, उस वक्त हम सूचना के आदान प्रदान के लिए किन चीजों की सहायता लेते थे?

पहले सूचना के आदान प्रदान के लिए कबूतर का इस्तेमाल होता था। फिर उसके बाद letter का चलन आ गया। इनमें सुचना के पहुंचने में काफी वक्त लगता था।

अब हम ऐसी तकनीक की आवश्यकता थी जो हमारी सूचना का आदान प्रदान पलक झपकते ही कर सके। वैज्ञानिक और बहुत से इंजीनियर की मदद से नेटवर्क अस्तित्व में आया। नेटवर्क ने सूचना के आदान प्रदान को आसान और सरल बन दिया।

नेटवर्क को कई वर्गो में बांटा जा सकता है हम नेटवर्क के प्रकार के बारे आगे विस्तार से जानेंगे।

नेटवर्क के प्रकार (Types of network) –

नेटवर्क को मुख्यता चार वर्गो में बांटा गया है, जो कि निम्न है–

  • LAN (Local Area Network)
  • PAN (Personal Area Network)
  • MAN (Metropolitan Area Network)
  • WAN (Wide Area Network)

LAN (Local Area Network) –

LAN का इस्तेमाल छोटे छेत्रफल में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (कम्प्यूटर या मोबाइल) को कनेक्ट करने के लिए होता है। जैसा कि हम इसके नाम से ही समझ सकते है कि एक ऐसा नेटवर्क जो Local Area को आपस में कनेक्ट करता हो।

LAN को मुख्यता स्कूल, कॉलेज, घर, ऑफिस जैसी छोटी जगहों पर इस्तेमाल किया जाता है। इस नेटवर्क को इंटरनेट या वाईफाई से आसानी से कनेक्ट किया जा सकता है और सूचना का आदान प्रदान किया जा सकता है।

PAN (Personal Area Network) –

जैसा की हम इसके नाम से ही समझ सकते है एक ऐसा नेटवर्क जो कि personal use के लिए इस्तेमाल होता हो। इस नेटवर्क में कोई व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र को आपस में जोड़े रखने का काम करता है।

हम इसे एक उदाहरण लेकर समझ सकते है, जब कोई व्यक्ति अपने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (लैपटॉप, मोबाइल, I-pad, प्रिंटर) जैसी अन्य चीजों को आपस में जोड़े रखने का काम करता है। इस नेटवर्क में हम एक दूसरे डिवाइस को आसानी से access कर सकते है।

MAN (Metropolitan Area Network) –

MAN का विस्तार रूप Metropolitan Area Network है। मन का इस्तेमाल बड़े छेत्रफल में इलेक्ट्रोनिक डिवाइसेज को कनेक्ट करने के लिए होता है। इस वर्ग में हम एक शहर या छोटे छोटे कस्बों को आपस में जोड़कर एक नेटवर्क बनाते है जिसे हम Metropolitan Area Network कहते है।

MAN नेटवर्क का एरिया LAN से कुछ ज्यादा तथा WAN से कम होता है। या फिर MAN में हम बहुत सारे LAN नेटवर्क को आपस में मिलाकर WAN नेटवर्क को बन सकते है।

WAN (Wide Area Network)

WAN का विस्तार रूप Wide Area नेटवर्क है। जिसमे विश्वभर के तमाम छोटे–छोटे नेटवर्क को मिलाकर बनाया गया है।

इस वर्ग में देश-विदेश के LAN और MAN नेटवर्क को आपस में जोड़कर एक बहुत बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है जिसे हम Wide Area Network कहते है।

इसका सबसे अच्छा उद्धारण INTERNET है जिसके बारे में हम आपको अच्छे से बता चुके हैं इंटरनेट क्या है ?

इसके अन्य प्रकार भी है –

  • CAN (Campus Area Network)
  • WLAN (Wireless Local Area Network)
  • SAN (Storage Area Network)

नेटवर्क कैसे काम करता है ?

नेटवर्क कैसे काम करता है? यह जानने से पहले हम कुछ डिवाइसेज के बारे में जान लेते है जिससे की हम इसकी कार्य प्रणाली को समझने में आसानी होगी l

Router – यह एक ऐसा डिवाइस है जो digital signal को analog signal में तथा analog signal को digital signal में convert करता है। 

Switch – इस डिवाइस में रिसीवर पोर्ट तथा सेंडर पोर्ट होते है। जिसका सहायता से switch, receiver सिग्नल को MAC address के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करता है कि ये डाटा किस पोर्ट के पास भेजना है और डाटा को सेंड करने के लिए पोर्ट का चुनाव करता है जिसमे सुचना को भेजना होता है।

इसकी खास बात यह है की यह कोई भी जानकारी सभी कनेक्टेड कम्प्यूटर में नही भेजता। यह चुनाव किए गए कम्प्यूटर को चुनता है फिर उस जानकारी को सिर्फ उन कम्प्यूटर तक ही पहुंचाता है।

Hub – यह काम भी स्विच डिवाइस की तरह ही होता है लेकिन ये कनेक्टेड कम्प्यूटर का चुनाव करने में सक्षम नहीं है। यह आने वाली जनकारी को सभी पोर्ट में कॉपी कर देता है, तथा वह जानकारी सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज तक पहुंच जाती है।

अब हम एक उदाहरण की सहायता से जानते है कि नेटवर्क काम कैसे करता है? 

जब दो या उससे अधिक इलेक्ट्रोनिक डिवाइसेज को वायर्ड या वायरलेस कनेक्शन की मदद से आपस में कनेक्ट करते है तो नेटवर्क बनता है।

इसमें एक मेन सर्वर होता है जो जानकारी को सभी के पास भेजता है तथा उनकी जानकारी को अपने पास ले सकता है यह काम राउटर की मदद से होता है जो डेस्टिनेशन नोड तक जानकारी पहुंचा देता है।

नेटवर्क से होने वाले फायदे –

  • नेटवर्क के जरिए विदेश में बैठे व्यक्ति से भी आसानी से संवाद हो सकता है।
  • डाटा को आसानी से ट्रांसफर और रिसीव किया जा सकता है।
  • आसानी से डाटा को नेटवर्क कीसहायता से एक्सेस किया जा सकता है।
  • नेटवर्क की सहायता से इलेक्ट्रोनिक डाटा के आदान प्रदान में तीव्रता आती है।

नेटवर्क से होने वाले नुकसान –

  • नेटवर्क की तरंगों से मानव जीवन के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
  • Virus या मैलवेयर आने की वजह से डाटा corrupt हो जाता है, जो कभी कभी बहुत महंगा पड़ता है।
  • नेटवर्क की वजह से साइबर अपराध का शिकार बहुत लोग हो रहे है।

निष्कर्ष :-

हमने देखा नेटवर्क ने data accessibility And monitoring को कितना आसान कार दिया। नेटवर्क ने डाटा ट्रांसफर को बहुत सरल बना दिए है।

Categories: Tech Update

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